हिमाचल में शनिवार रात फिर बढ़ा भूकंप का खतरा: मंडी और कुल्लू में हल्के झटके महसूस, लोग घरों से बाहर निकले
हिमाचल प्रदेश में शनिवार देर रात धरती फिर हिली। Mandi और Kullu जिलों में हल्के भूकंप के झटके महसूस हुए, जिसके बाद लोग एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकल आए। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार माइक्रो-ट्रेमर दर्ज हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र में चिंता बढ़ती जा रही है।
शनिवार रात लगभग 11:47 बजे हिमाचल प्रदेश के दो जिलों—Mandi और Kullu—में हल्के भूकंप के झटके महसूस किए गए। झटके कुछ सेकंड के लिए थे, लेकिन रात होने के कारण कई लोग सतर्क हो गए और बाहर निकल आए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि अचानक खिड़कियों और दरवाजों में हल्की कंपन महसूस हुई, जिसके बाद आसपास रहने वाले लोग भी जाग गए। हालांकि झटके छोटे थे, पर पिछले कुछ हफ्तों से चल रही भू-सक्रियता को देखते हुए लोगों में डर स्वाभाविक है।
पिछले एक महीने से लगातार एक्टिव है हिमाचल की सिस्मिक बेल्ट
जियोलॉजिकल विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश की सिस्मिक ज़ोन-4 बेल्ट इस समय काफी एक्टिव है।
पिछले 30–40 दिनों में 12 से ज्यादा माइक्रो-अर्थक्वेक दर्ज किए जा चुके हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि हिमालयी क्षेत्र की भू-रचना प्लेट मूवमेंट पर आधारित है, जिससे समय-समय पर छोटे झटके आना सामान्य है, लेकिन लगातार हलचल किसी बड़े बदलाव का संकेत भी हो सकती है। फिलहाल किसी बड़े भूकंप की आशंका नहीं जताई गई है, पर निगरानी जारी है।
रात में झटके आने से लोगों में ज्यादा घबराहट
रात के समय आने वाले झटकों को लेकर स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक कंपन महसूस होते ही कई परिवार सोते-सोते उठ गए।
कुल्लू घाटी में कुछ गांवों में लोग एहतियात के तौर पर कुछ देर तक खुले मैदानों में खड़े रहे।
मंडी में भी कई लोगों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि झटका बहुत तेज नहीं था, लेकिन हर बार कंपन महसूस होने के बाद डर थोड़ा बढ़ता जा रहा है।
प्रशासन ने तुरंत टीमों को अलर्ट किया
जिला प्रशासन ने रात को ही आपदा प्रबंधन टीमों को सतर्क कर दिया।
इमरजेंसी नंबरों को एक्टिव रखा गया और फील्ड स्टाफ से सुबह तक हालात पर नज़र रखने को कहा गया।
अधिकारियों ने बताया कि अभी तक किसी नुकसान की कोई सूचना नहीं आई है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
विशेषज्ञों की राय—माइक्रो झटके भविष्य में भी जारी रह सकते हैं
जियोलॉजिस्ट्स का कहना है कि हिमाचल की geological fault lines लंबे समय से दबाव झेल रही हैं।
इस तरह के छोटे झटके उस दबाव को रिलीज़ करने का काम करते हैं।
इसी कारण आने वाले हफ्तों में भी हल्की गतिविधि जारी रहने की संभावना है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि घरों में अलमारी, भारी सामान और गैस सिलेंडर जैसी चीज़ें सुरक्षित तरीके से रखें और आपातकालीन स्थिति के लिए जरूरी सामान पहले से तैयार रखें।
निष्कर्ष
फिलहाल किसी तरह की क्षति की रिपोर्ट नहीं है, लेकिन पिछले हफ्तों से जारी हल्की भूकंपीय गतिविधि को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है।
लोगों को भूकंप के दौरान अपनाए जाने वाले सुरक्षा नियमों के बारे में जागरूक रहना चाहिए और किसी भी अफवाह से बचना चाहिए।
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