Himachal Pradesh:ग्रामीण सड़कों के लिए बड़ी मंजूरी, कनेक्टिविटी में आएगा सुधार
Himachal Pradesh सरकार ने ग्रामीण सड़कों के विकास के लिए ₹100 करोड़ की नई मंजूरी देकर गाँवों की कनेक्टिविटी, सड़क निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार को बड़ी बढ़त दी है। इस फैसले से दूर-दराज़ इलाकों में ग्रामीण सड़क परियोजना, सड़क मरम्मत कार्य, और गांवों तक बेहतर आवागमन की सुविधाएँ तेज़ी से बढ़ने की उम्मीद है। सरकारी विभागों ने बताया कि यह मंजूरी आने वाले महीनों में तेज़ रफ्तार से काम शुरू करने का रास्ता साफ करेगी।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले को बड़ी सौगात, ₹100 करोड़ से बनेंगी 11 नई ग्रामीण सड़कें
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण के तहत हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में ग्रामीण सड़कों के विकास को बड़ा बढ़ावा मिला है। केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत सिरमौर जिले की 11 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है, जिन पर लगभग ₹100 करोड़ की लागत आएगी। इसका सीधा फायदा जिले के सुदूरवर्ती गांवों को मिलेगा, जहां सड़कों के निर्माण से लोगों की आवाजाही आसान होगी और क्षेत्र का विकास तेज गति से होगा।
सिरमौर के गांवों में बदलेगी तस्वीर
प्रदेश सरकार के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने नाहन में मीडिया को बताया कि इन सड़कों के निर्माण से दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि अच्छी सड़कें न सिर्फ लोगों की आवाजाही सुलभ बनाएंगी, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई रफ्तार देंगी।
पूरे प्रदेश को मिलेगा लाभ
हिमाचल प्रदेश को कुल मिलाकर पीएमजीएसवाई-IV के तहत 294 सड़क परियोजनाओं के लिए 2,247 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है, जिससे 429 असंबद्ध या अविकसित गांव पहली बार पक्की सड़कों से जुड़ेंगे। इन परियोजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ शिमला जिले को होगा, जहां 97 नई सड़कें बनेंगी। इसके अलावा चंबा और कुल्लू में 65-65, मंडी में 23, कांगड़ा में 12, सिरमौर में 11 सड़कें मंजूर हुई हैं।
ये इलाके होंगे सीधे फायदे में
सिरमौर जिले के अलावा प्रदेश के अन्य दूरस्थ इलाकों जैसे किन्नौर, लाहौल-स्पीति और डोडरा-क्वार क्षेत्र की सड़कें भी इस योजना का हिस्सा हैं। इन सड़कों के बनने से बच्चों को स्कूल, मरीजों को अस्पताल और किसानों को बाजार तक पहुंचना आसान होगा।
लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पहाड़ी राज्य में सड़कें विकास की जीवन रेखा होती हैं, और विभाग इन परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
