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Kangra बिजली कटौती: Himachal Pradesh में घंटों सप्लाई बाधित, लोगों में रोष

 कांगड़ा में बिजली कटौती से लोग परेशान — घंटों सप्लाई बाधित, विभाग पर सवाल

Kangra (Himachal Pradesh) में लगातार बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई क्षेत्रों में सुबह से लेकर शाम तक बिजली सप्लाई बाधित रही, जिससे घरों के काम से लेकर दुकानों का संचालन तक प्रभावित हुआ। स्थानीय लोग बिजली विभाग से जवाब मांग रहे हैं।

Kangra power cut

Kangra जिले में पिछले तीन से चार दिनों से लगातार बिजली कटौती की समस्या सामने आ रही है और इससे स्थानीय लोगों का दैनिक जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। Himachal Pradesh के इस बड़े जिले में बिजली सप्लाई बार-बार बाधित होने से लोगों में गहरी नाराज़गी देखने को मिल रही है। कई इलाकों में सुबह से लेकर शाम तक लगातार बिजली जाने के कारण घरों के जरूरी काम रुक गए, दुकानों का संचालन प्रभावित हुआ और विद्यार्थियों तथा वर्क-फ्रॉम-होम करने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि Kangra जैसी जगह पर पहले कभी इतनी गंभीर बिजली कटौती नहीं देखी गई थी, लेकिन इस बार स्थिति बेहद खराब है और बिजली विभाग से तुरंत कार्रवाई की मांग बढ़ गई है।

बिजली कटौती के इन मामलों में लोगों ने बताया कि Kangra के कई क्षेत्रों में दिन भर बिजली सप्लाई पाँच से आठ घंटे तक बाधित रही, जिसके कारण पूरे जिले में असुविधा फैल गई। Himachal Pradesh के पहाड़ी इलाकों में बिजली की निर्भरता अधिक होती है क्योंकि यहां पानी, घरों की मोटरें, रसोई के उपकरण और दुकानों के कई काम बिजली पर आधारित रहते हैं। बिजली कटौती होने के कारण पानी की मोटरें नहीं चलीं और कई घरों में पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो गई। गर्मी बढ़ने के साथ ही Kangra के लोगों में बिजली कटौती को लेकर चिंता और बढ़ गई है। व्यापारियों ने भी कहा कि निरंतर बिजली कटौती से उनका कारोबार काफी प्रभावित हुआ है। बिलिंग मशीनें नहीं चल पा रहीं, कार्ड पेमेंट बाधित हो रही है और जिन दुकानों में फ्रिज या डीप-फ्रीजर पर निर्भरता है वहां खासा नुकसान हो रहा है।

Kangra जिले के शाहपुर, पालमपुर, नगरोटा बगवां, धर्मशाला, इंदौरा, ज्वालामुखी और देहरा जैसे क्षेत्रों में बिजली कटौती की शिकायतें सबसे अधिक सामने आई हैं। इन इलाकों में रहने वाले लोग सोशल मीडिया पर अपनी समस्याएं साझा कर रहे हैं और बिजली विभाग को टैग कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा है कि Himachal Pradesh में अब बिजली कटौती एक आम समस्या बन रही है, जबकि पहले यहां बिजली सप्लाई काफी भरोसेमंद मानी जाती थी। Kangra के निवासियों का कहना है कि धीमी मरम्मत और बार-बार होने वाले फॉल्ट इस स्थिति के लिए जिम्मेदार हैं।

HPSEB यानी Himachal Pradesh State Electricity Board की ओर से जारी बयान में बताया गया कि बिजली कटौती का मुख्य कारण लाइन फॉल्ट, ओवरलोड और कुछ जगहों पर ट्रांसफॉर्मर की तकनीकी खराबी है। विभाग ने कहा कि हाल के दिनों में Himachal Pradesh में तापमान बढ़ने से लोड एकदम से बढ़ गया है और कुछ पुराने फीडरों में आवश्यक उन्नयन न होने के कारण दिक्कतें बढ़ी हैं। बारिश और हल्की आंधी आने से पेड़ों की शाखाओं के बिजली लाइनों पर गिरने की घटनाएं भी हुईं, जिससे Kangra के कई हिस्सों में सप्लाई बाधित हुई। हालांकि विभाग का कहना है कि सभी फॉल्ट को दूर किया जा रहा है और अतिरिक्त टीमों को तैनात कर दिया गया है।

इस बीच, स्थानीय नागरिकों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि Kangra जिले में बिजली कटौती की यह समस्या एक दिन की नहीं है बल्कि पिछले कुछ हफ्तों से धीरे-धीरे बढ़ रही है। कई वार्डों और पंचायतों में बिजली गलती से ट्रिप हो जाती है और मरम्मत में बहुत समय लग जाता है। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि Himachal Pradesh में पहले मरम्मत टीमें तुरंत पहुंचती थीं लेकिन अब कई बार घंटों तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं आता। इससे बिजली कटौती का समय और बढ़ जाता है और लोगों की नाराज़गी भी।

बिजली कटौती के कारण घरेलू जीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है। बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई बाधित हो रही है, रसोई के काम रुक रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पानी की मोटरें पूरी तरह बिजली पर निर्भर हैं, वहां पानी की किल्लत की स्थिति बन गई है। Kangra के कुछ गांवों में तो लोगों का कहना है कि बिजली न होने के कारण उन्हें सुबह जल्दी उठकर हैंडपंप या दूर स्थित पानी के स्त्रोतों से पानी भरना पड़ रहा है।

वर्क-फ्रॉम-होम करने वाले लोग भी लगातार बिजली कटौती के कारण मासिक कामकाज पूरा करने में असमर्थ हो रहे हैं। इंटरनेट राउटर बंद होने से नेटवर्क चला जाता है और लैपटॉप चार्ज न हो पाने की वजह से काम अधूरा रह जाता है। इससे कई लोगों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। दुकानों में छोटे व्यापारियों का कहना है कि लगातार बिजली कटौती से उनका 30 से 40 प्रतिशत तक दैनिक व्यापार प्रभावित हो रहा है क्योंकि ग्राहक डिजिटल भुगतान का उपयोग करते हैं और बिजली न होने से मशीनें काम नहीं करतीं।

Kangra जिले में बिजली कटौती के बढ़ने का एक और कारण यह बताया जा रहा है कि कई स्थानों पर लाइनें पुरानी हो चुकी हैं और इन्हें बदलने की आवश्यकता है। विभाग ने भी स्वीकार किया है कि Himachal Pradesh के कई ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी पुरानी केबलें और कम क्षमता वाले ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। इन ट्रांसफॉर्मरों पर जब अचानक अधिक लोड पड़ता है तो सप्लाई तुरंत ट्रिप हो जाती है। Kangra जिले के कुछ क्षेत्रों में तो पिछले महीने भी ऐसे ही समस्याएं सामने आई थीं, लेकिन अब यह समस्या और बढ़ गई है।

इसके अलावा, Kangra जिले के पहाड़ी इलाकों में पेड़ों की शाखाओं का बार-बार गिरना और जंगली क्षेत्रों में गिरे पेड़ों का समय पर न हटाया जाना भी बिजली सप्लाई को प्रभावित करता है। स्थानीय लोग चाहते हैं कि विभाग संवेदनशील क्षेत्रों में लाइन क्लियरेंस कार्य समय-समय पर करे ताकि लगातार होने वाली बिजली कटौती को रोका जा सके।

विभाग की ओर से कहा जा रहा है कि अगले एक से दो दिनों में स्थिति सामान्य कर दी जाएगी और Kangra के सभी फीडरों को स्थिर कर दिया जाएगा। हालांकि लोगों का कहना है कि ये केवल आश्वासन हैं और जब तक Himachal Pradesh में बिजली का स्थायी समाधान नहीं किया जाएगा, तब तक समस्या हल नहीं होगी। कुछ लोगों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों में सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो वे पंचायत स्तर पर शिकायत दर्ज कराने और सामूहिक रूप से प्रदर्शन करने की तैयारी कर रहे हैं।

इस पूरी स्थिति से यह स्पष्ट है कि Kangra जिले में बिजली कटौती केवल तकनीकी खराबी का मामला नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक समस्या बन चुकी है जिसकी जल्द से जल्द गंभीरता से जांच और समाधान की आवश्यकता है। Himachal Pradesh के लोगों ने हमेशा बिजली विभाग पर भरोसा किया है, लेकिन अब बार-बार होने वाली कटौती और मरम्मत में देरी ने लोगों के धैर्य को कमजोर कर दिया है। अगर आने वाले हफ्तों में विभाग ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह समस्या और बढ़ सकती है और पूरे जिले में बिजली सप्लाई को लेकर तनाव की स्थिति बन सकती है।

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