लाहौल–स्पीति में राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे से पहले प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
डीसी की अगुवाई में सुरक्षा, यातायात, आयोजन स्थल और स्थानीय व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई।
दौरे से जुड़ी तैयारियाँ अब तेज़ रफ़्तार से पूरी की जा रही हैं
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का लाहौल-स्पीति दौरा: पहाड़ों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम, डीसी ने की प्रमुख स्थलों की समीक्षा
शीर्षक: President Draupadi Murmu ke Lahaul-Spiti Dora: 27 अप्रैल को शिमला पहुंचेंगी राष्ट्रपति, अटल टनल का निरीक्षण करेंगी; सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम, 19 से 30 अप्रैल तक ड्रोन और पैराग्लाइडिंग पर पूर्ण प्रतिबंध
शिमला/केलांग। देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हिमाचल प्रदेश के प्रस्तावित दौरे को लेकर पूरे राज्य में तैयारियां जोरों पर हैं। खासकर लाहौल-स्पीति जिले में प्रशासन ने कमर कस ली है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह छह दिवसीय हिमाचल दौरा 27 अप्रैल से 2 मई 2026 तक प्रस्तावित है। इस दौरान वह शिमला, पालमपुर और लाहौल-स्पीति का दौरा करेंगी।
आइए, आपको विस्तार से बताते हैं कि इस ऐतिहासिक दौरे के लिए क्या-क्या तैयारियां हो रही हैं, किन स्थलों पर राष्ट्रपति जाएंगी और आम जनता पर इसका क्या असर पड़ेगा।
राष्ट्रपति का पूरा कार्यक्रम (Proposed Itinerary)
राष्ट्रपति सचिवालय से मिले मसौदा कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हिमाचल दौरा इस प्रकार होगा:
दिन 1: 27 अप्रैल (सोमवार) – शिमला आगमन
· राष्ट्रपति दिल्ली के पालम एयरपोर्ट से चंडीगढ़ के लिए रवाना होंगी।
· चंडीगढ़ से भारतीय वायुसेना के Mi-17 हेलिकॉप्टर से शिमला के कल्याणी हेलिपेड पर उतरेंगी।
· इसके बाद वह मशोबरा स्थित राष्ट्रपति निवास (राष्ट्रपति भवन का ग्रीष्मकालीन आवास) पहुंचेंगी, जहां वह अपने प्रवास के दौरान रुकेंगी।
· पहले दिन मुख्य रूप से विश्राम और आंतरिक बैठकें प्रस्तावित हैं।
दिन 2: 28 अप्रैल (मंगलवार) – आरक्षित दिन
· इस दिन कार्यक्रम अभी पूरी तरह तय नहीं है। कुछ औपचारिक उद्घाटन और बैठकें हो सकती हैं।
दिन 3: 29 अप्रैल (बुधवार) – लाहौल-स्पीति दौरा (सबसे अहम दिन)
यह दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लाहौल-स्पीति दौरे के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। वह इस दिन अटल टनल (रोहतांग सुरंग) का दौरा करेंगी।
कार्यक्रम कुछ इस प्रकार है:
1. राष्ट्रपति हेलिकॉप्टर से सिस्सू हेलिपेड पहुंचेंगी। सिस्सू लाहौल-स्पीति जिले का एक खूबसूरत गांव है।
2. वहां से सड़क मार्ग से वह अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल (सिस्सू की तरफ) तक जाएंगी।
3. बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के अधिकारी उन्हें टनल की तकनीकी जानकारी और सुरंग के निर्माण व संचालन के बारे में विस्तृत जानकारी देंगे।
4. राष्ट्रपति टनल के अंदर प्रवेश करेंगी और साउथ पोर्टल (मनाली की तरफ) तक जाएंगी।
5. साउथ पोर्टल पर मॉडल रूम में प्रस्तुति और फोटोग्राफी का कार्यक्रम है।
6. इसके बाद हाई-टी और फिर हेलिकॉप्टर से वापस मशोबरा लौटेंगी।
दिन 4: 30 अप्रैल () – पालमपुर दीक्षांत समारोह गुरुवार
· राष्ट्रपति पालमपुर जाएंगी, जहां वह CSK हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय के 17वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।
· शाम को वह शिमला लौटेंगी और आर्मी ट्रेनिंग कमांड (ARTRAC) का दौरा करेंगी।
दिन 5: 1 मई (शुक्रवार) – 'एट होम' और अन्य कार्यक्रम
· यह दिन आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए आरक्षित है। राष्ट्रपति 'एट होम' कार्यक्रम की मेजबानी करेंगी, जिसमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और अन्य गणमान्य लोग शामिल होंगे।
दिन 6: 2 मई (शनिवार) – प्रस्थान
· राष्ट्रपति मशोबरा से हेलिकॉप्टर द्वारा चंडीगढ़ और फिर दिल्ली के लिए रवाना होंगी।
लाहौल-स्पीति में तैयारियां: डीसी किरण भड़ाना ने किया निरीक्षण
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लाहौल-स्पीति दौरे को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। जिला उपायुक्त किरण भड़ाना ने शनिवार (18 अप्रैल 2026) को सभी प्रमुख स्थलों का विस्तृत निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान डीसी ने क्या देखा?
1. सिस्सू हेलिपेड: यह वह स्थान है जहां राष्ट्रपति का हेलिकॉप्टर उतरेगा। डीसी ने यहां की तकनीकी सुविधाओं, सुरक्षा मानकों और परिवहन व्यवस्थाओं का गहनता से निरीक्षण किया।
2. हेलिपेड की तैयारी: उन्होंने लोक निर्माण विभाग (PWD) को हेलिपेड को पूरी तरह से तैयार करने, उचित चिह्नीकरण करने, आपातकालीन लैंडिंग सुविधाओं को सक्रिय रखने और पूरी सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
3. मौसम की चुनौती: लाहौल-स्पीति का मौसम काफी बदलता रहता है। इसे देखते हुए डीसी ने हेलिपेड परिसर में मौसम संबंधी आवश्यक सुरक्षात्मक उपाय तुरंत लागू करने के आदेश दिए।
4. अटल टनल के दोनों पोर्टल: डीसी ने अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल (सिस्सू की तरफ) और साउथ पोर्टल (मनाली की तरफ) पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग सुविधाओं और आपातकालीन निकासी मार्गों का मुआयना किया।
5. बीआरओ के साथ बैठक: उन्होंने बीआरओ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राष्ट्रपति के दौरे के दौरान टनल के संचालन, वाहन प्रतिबंध, सुरक्षा प्रोटोकॉल और संचार व्यवस्था पर विस्तृत समीक्षा की।
डीसी किरण भड़ाना के अनुसार, "राष्ट्रपति का यह दौरा हमारे लिए बहुत गर्व की बात है। हम सुनिश्चित करेंगे कि सब कुछ सुचारू रूप से चले।"
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: ड्रोन, पैराग्लाइडिंग सब बंद
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए लाहौल-स्पीति में सुरक्षा व्यवस्था चरम पर है। पुलिस अधीक्षक शिवानी मेहला ने बताया कि बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया जा रहा है।
हवाई गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध:
जिला प्रशासन ने सिस्सू गांव से अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल तक के पूरे क्षेत्र को "नो अनमैन्ड एरियल व्हीकल (यूएवी) ज़ोन" घोषित कर दिया है। यानी इस क्षेत्र में:
· ड्रोन उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध
· पैराग्लाइडिंग और हैंग ग्लाइडिंग प्रतिबंधित
· रिमोट पायलटेड एरियल सिस्टम (RPAS) पर रोक
· सभी प्रकार की हवाई साहसिक गतिविधियां बंद
यह प्रतिबंध 19 अप्रैल 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक प्रभावी रहेगा।
पर्यटन और साहसिक गतिविधियां भी बंद:
सुरक्षा के मद्देनजर, सिस्सू क्षेत्र में संचालित सभी पर्यटन और साहसिक गतिविधियों को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है:
· ज़िपलाइन, बोटिंग और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां 19 अप्रैल से 30 अप्रैल तक बंद रहेंगी।
· सभी विक्रेताओं, ऑपरेटरों और संबंधित संस्थानों को 20 अप्रैल तक अपने स्थल खाली करने के निर्देश दिए गए हैं।
कानूनी कार्रवाई:
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इन आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संबंधित प्रावधानों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एसपी शिवानी मेहला के अनुसार, "यातायात, भीड़ प्रबंधन और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। हमारा लक्ष्य राष्ट्रपति की यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा से बचना है।"
क्यों खास है लाहौल-स्पीति और अटल टनल?
लाहौल-स्पीति हिमाचल प्रदेश का एक ऊंचाई वाला जिला है, जो अपनी कठोर भौगोलिक परिस्थितियों और अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। इस जिले को दो भागों में बांटा गया है: लाहौल घाटी और स्पीति घाटी।
अटल टनल (रोहतांग सुरंग) इस क्षेत्र की जीवन रेखा है। यह 9.02 किलोमीटर लंबी सुरंग दुनिया की सबसे लंबी उच्च-ऊंचाई वाली सुरंगों में से एक है।
· इसने मनाली को लाहौल-स्पीति से साल भर जोड़ा है। पहले रोहतांग दर्रा अक्टूबर से मई तक बंद रहता था।
· यह यात्रा का समय 6-8 घंटे से घटाकर मात्र 20 मिनट कर देती है।
· अटल टनल के बाद लाहौल-स्पीति में पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिला है। वर्ष 2025 में 11 लाख से अधिक पर्यटकों ने यहां का दौरा किया।
प्रमुख स्थल जहां राष्ट्रपति जाएंगी:
· सिस्सू: यह लाहौल घाटी का पहला गांव है जो अटल टनल पार करने के बाद आता है। यहां का झरना, झील और चेनाब नदी के किनारे का नजारा अद्भुत है।
· केलांग: लाहौल-स्पीति जिला मुख्यालय।
आम जनता और पर्यटकों के लिए सलाह
अगर आप इन दिनों लाहौल-स्पीति या मनाली क्षेत्र में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो कृपया इन बातों का ध्यान रखें:
1. यात्रा की योजना बदलें: 19 अप्रैल से 30 अप्रैल तक सिस्सू और आसपास के क्षेत्र में साहसिक गतिविधियां बंद रहेंगी। यदि आप ज़िपलाइन, बोटिंग या पैराग्लाइडिंग करने की सोच रहे थे, तो यह संभव नहीं होगा।
2. यातायात प्रतिबंध: राष्ट्रपति के आवागमन के दौरान कुछ मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लग सकते हैं। कृपया स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
3. ड्रोन न लाएं: इस क्षेत्र में ड्रोन लाना और उड़ाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि आपके पास ड्रोन है, तो कृपया उसे घर पर ही छोड़ें।
4. सहयोग करें: प्रशासन ने सभी पर्यटकों और स्थानीय लोगों से सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।
स्थानीय लोगों में उत्साह
लाहौल-स्पीति के लोगों के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का दौरा एक ऐतिहासिक अवसर है। केलांग के स्थानीय निवासी सोनम ने कहा, "हमारे लिए यह बहुत बड़ी बात है। पहले कभी कोई राष्ट्रपति हमारे यहां नहीं आया। हम बहुत खुश हैं और उनका स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।"
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हिमाचल दौरा कब से कब तक है?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हिमाचल प्रदेश दौरा 27 अप्रैल 2026 से 2 मई 2026 तक प्रस्तावित है। यह छह दिवसीय दौरा होगा, जिसमें वह शिमला, पालमपुर और लाहौल-स्पीति जिले का दौरा करेंगी।
2. राष्ट्रपति लाहौल-स्पीति में कहां-कहां जाएंगी?
राष्ट्रपति मुर्मू 29 अप्रैल 2026 को लाहौल-स्पीति जिले का दौरा करेंगी। वह सिस्सू हेलिपेड पर उतरेंगी, फिर सड़क मार्ग से अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल तक जाएंगी और पूरी सुरंग का निरीक्षण करेंगी। इसके बाद वह साउथ पोर्टल (मनाली की तरफ) भी जाएंगी।
3. क्या आम लोग राष्ट्रपति से मिल सकेंगे?
राष्ट्रपति की यात्रा पूरी तरह से आधिकारिक और सुरक्षा कारणों से बंद रहेगी। आम जनता के लिए कोई जनसभा या आम मुलाकात का कार्यक्रम प्रस्तावित नहीं है। हालांकि, राष्ट्रपति 1 मई को शिमला में 'एट होम' कार्यक्रम की मेजबानी करेंगी, जिसमें केवल विशिष्ट अतिथियों को ही बुलाया जाएगा।
4. क्या इस दौरान लाहौल-स्पीति जाने वाले पर्यटकों पर कोई रोक है?
पर्यटकों के आने-जाने पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है, लेकिन सिस्सू और अटल टनल के आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा घेरा रहेगा। साथ ही 19 से 30 अप्रैल तक ड्रोन, पैराग्लाइडिंग, ज़िपलाइन, बोटिंग जैसी सभी साहसिक गतिविधियों पर रोक रहेगी। यातायात प्रतिबंध भी हो सकते हैं, इसलिए यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी जरूर पढ़ें।
5. ड्रोन और पैराग्लाइडिंग पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया है?
यह प्रतिबंध पूरी तरह सुरक्षा कारणों से लगाया गया है। राष्ट्रपति की मौजूदगी में किसी भी प्रकार की हवाई गतिविधि (ड्रोन, पैराग्लाइडर, हैंग ग्लाइडर आदि) से सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इसलिए प्रशासन ने 19 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक पूरे क्षेत्र को "नो फ्लाई ज़ोन" घोषित कर दिया है।
6. अटल टनल का निरीक्षण करने के पीछे क्या कारण है?
अटल टनल सामरिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यह भारत-चीन सीमा के करीब स्थित है और सेना की आवाजाही के लिए जीवनरेखा का काम करती है। राष्ट्रपति का निरीक्षण इस परियोजना के महत्व को दर्शाता है। साथ ही, बीआरओ राष्ट्रपति को टनल की तकनीकी विशेषताओं और संचालन से अवगत कराएगा।
7. क्या इस दौरे से स्थानीय लोगों को कोई परेशानी होगी?
हां, सुरक्षा व्यवस्था के कारण कुछ दिनों के लिए स्थानीय व्यापार और पर्यटन गतिविधियों पर असर पड़ेगा। ज़िपलाइन, बोटिंग, राफ्टिंग जैसी गतिविधियां बंद रहेंगी। दुकानदारों को भी कुछ घंटों के लिए अपनी दुकानें बंद रखनी पड़ सकती हैं। हालांकि, प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि आम जनता को कम से कम असुविधा हो, और यह राष्ट्रपति के आने का सम्मान है, जिसे स्थानीय लोग गर्व से स्वीकार कर रहे हैं।
एक अन्य स्थानीय दुकानदार ने बताया, "सुरक्षा के कारण कुछ दिन के लिए हमारे काम पर थोड़ा असर पड़ेगा, लेकिन यह राष्ट्रपति के आने का सम्मान है। हम खुशी-खुशी सहयोग करेंगे।"
निष्कर्ष
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का लाहौल-स्पीति दौरा हिमाचल प्रदेश के लिए एक गौरव का क्षण है। यह पहली बार है जब कोई राष्ट्रपति इस दुर्गम क्षेत्र का दौरा करेंगे। जिला प्रशासन ने सुरक्षा से लेकर सभी व्यवस्थाओं का पूरा ख्याल रखा है। डीसी किरण भड़ाना ने खुद जमीनी स्तर पर जाकर सब कुछ चेक किया है। हालांकि सुरक्षा के मद्देनजर कुछ अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं, लेकिन यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी हैं कि राष्ट्रपति की यात्रा सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हो। स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अनुरोध है कि वे प्रशासन का सहयोग करें।
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