हिमाचल में बिजली–पानी बिल बढ़ोतरी का मुद्दा गरम, लोगों की नाराज़गी बढ़ी
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बिजली बिलों को लेकर खास चर्चा हुई, जहां कुछ इलाकों में Smart Electricity Meter लगाने के बाद लोगों के बिल ज्यादा आने की शिकायतें सामने आई हैं। कई उपभोक्ताओं ने बढ़े बिलों और गलत गणना का आरोप लगाया, जिससे सरकार के सामने pressure बढ़ गया है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने विधानसभा में बताया कि Smart Meter स्थापना के कारण जो भी discrepancies यानी गलतियां ऊपरी बिलों में आई हैं, उन्हें जांच कर ठीक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे Executive Engineer या सम्बन्धित विभाग से शिकायत दर्ज कराएं ताकि गलत समझे गए बिलों को सही किया जा सके।
स्मार्ट मीटर को राज्य भर में धीरे-धीरे लगाया जा रहा है ताकि बिजली खपत को ठीक से रिकॉर्ड किया जा सके और बिल सिस्टम को digital बनाया जा सके। सरकार का कहना है कि Smart Meters से subsidy या free units की व्यवस्था प्रभावित नहीं होगी और इससे बिजली चोरी पर नियंत्रण मिलेगा।
कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि पुराने मीटर के मुकाबले नए Smart Meter के बाद कुछ घरों के बिल अचानक बढ़ गए हैं। विधानसभा में CM ने कहा कि यदि बिलों में genuine discrepancies मिलती हैं तो उन्हें rectify किया जाएगा और गलत रीडिंग को सही करके नया बिल जारी किया जाएगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि Smart Meter लगाने से पहले proper awareness और installation की प्रक्रिया पहले स्पष्ट नहीं कर दी गई थी, जिससे कई consumers संभवतः गलत readings से प्रभावित हो गए हैं। विभाग ने कहा है कि complaints दर्ज कर जनहित को ध्यान में रखकर technical टीम से detailed जांच कराई जाएगी।
Smart Meters को लेकर यह update खासकर बिजली उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सीधे उनके खर्च और household budget पर असर पड़ता है।
