Himachal Pradesh में 70,000 युवाओं का Skill Allowance रुका, बढ़ी चिंता
Himachal Pradesh में लगभग 70,000 युवाओं का कौशल भत्ता (Skill Allowance) रुका होने की वजह से बेरोज़गार युवाओं में चिंता बढ़ गई है। स्किल डेवलपमेंट के लिए मिलने वाली यह आर्थिक मदद कई महीनों से पेंडिंग बताई जा रही है, जिससे युवा प्रशिक्षण, फीस और दैनिक खर्च पूरे नहीं कर पा रहे हैं। सरकारी विभाग इस अटके हुए Skill Allowance के कारणों की समीक्षा कर रहे हैं और जल्द समाधान का आश्वासन भी दिया जा रहा है।
हिमाचल के 70 हजार युवाओं का बेरोजगारी और कौशल भत्ता हुआ अटका, जानें पूरा मामला
हिमाचल प्रदेश के करीब 70,000 प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं को मिलने वाला कौशल भत्ता और बेरोजगारी भत्ता पिछले डेढ़ साल से अटका पड़ा है. आखिरी बार अक्टूबर 2024 में यह भुगतान हुआ था, उसके बाद से सरकार की ओर से बजट का प्रावधान ही नहीं किया गया. इस वजह से प्रदेश भर में पंजीकृत युवाओं को गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
क्या है कौशल विकास भत्ता योजना?
यह योजना 2013 में हिमाचल प्रदेश सरकार ने युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने और रोजगार से जोड़ने के लिए शुरू की थी. इसके तहत 2 लाख रुपये सालाना से कम आय वाले परिवारों के 16 से 36 साल के युवा, जो आईटीआई, पॉलिटेक्निक, कंप्यूटर कोर्स या अन्य व्यावसायिक प्रशिक्षण ले रहे हैं, उन्हें हर महीने सरकार ₹1,000 का भत्ता देती है. वहीं, दिव्यांग प्रशिक्षुओं को ₹1,500 प्रतिमाह दिए जाते हैं. इसी तरह बेरोजगारी भत्ता योजना के तहत भी रोजगार कार्यालय में पंजीकृत युवाओं को ₹1,000 और दिव्यांगों को ₹1,500 दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन दोनों योजनाओं का भुगतान ठप पड़ा है.
आखिर भत्ता क्यों रुका?
सबसे बड़ी वजह है बजट की कमी. संबंधित विभाग की ओर से सरकार को पत्राचार किया गया, मगर अब तक बजट उपलब्ध नहीं हो पाया है. जिला रोजगार अधिकारी चंबा जितेंद्र वर्मा ने बताया कि अक्टूबर 2024 से धनराशि उपलब्ध न होने के कारण युवाओं के खातों में कोई राशि नहीं आई है. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, योजना के नियमों में बदलाव और संस्थानों की वैधता जांच की प्रक्रिया भी इस देरी का एक कारण है.
युवाओं पर क्या असर पड़ रहा है?
इस भत्ते का इंतजार युवाओं के लिए मुसीबत बन गया है. खासकर उन कमजोर परिवारों के युवाओं के लिए, जो इस पैसे से अपनी पढ़ाई और प्रशिक्षण जारी रख पाते थे. अब न तो उनके बैंक खातों में पैसा आ रहा है और न ही उन्हें कोई सरकारी सफाई मिल पा रही है. हिमाचल में युवा बेरोजगारी दर पहले से ही चिंताजनक है. आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार, 15 से 29 साल के युवाओं में बेरोजगारी दर 16.3% है, जो राष्ट्रीय औसत 10.2% से कहीं अधिक है. ऐसे में भत्ते का न मिलना उनकी मुश्किलों को और बढ़ा रहा है.
क्या है आगे का रास्ता?
सरकार अब इस योजना की समीक्षा कर रही है और नियमों में बदलाव की तैयारी है. संभावना है कि जल्द ही बजट जारी होने के बाद युवाओं को लंबित बकाया राशि एकमुश्त दे दी जाएगी. उम्मीद की जा रही है कि सरकार जल्द इस गंभीर मुद्दे का हल निकालेगी, ताकि 70,000 युवा राहत की सांस ले सकें.
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
सवाल 1: हिमाचल प्रदेश में कितने युवाओं का कौशल भत्ता अटका है?
जवाब: प्रदेश भर में करीब 70,000 प्रशिक्षित बेरोजगार युवाओं का कौशल भत्ता और बेरोजगारी भत्ता अटका हुआ है.
सवाल 2: आखिरी बार यह भत्ता कब मिला था?
जवाब: यह भत्ता आखिरी बार अक्टूबर 2024 में दिया गया था. उसके बाद से अब तक (अप्रैल 2026) यह बंद है.
सवाल 3: कौशल विकास भत्ता योजना के तहत कितना पैसा मिलता है?
जवाब: सामान्य युवाओं को ₹1,000 प्रतिमाह और 50% या उससे अधिक दिव्यांग युवाओं को ₹1,500 प्रतिमाह दिए जाने का प्रावधान है.
सवाल 4: भत्ता रुकने का मुख्य कारण क्या है?
जवाब: मुख्य कारण सरकार की ओर से बजट का प्रावधान न किया जाना है. विभाग ने बजट की मांग भेजी है, लेकिन अब तक धनराशि जारी नहीं हो पाई है.
सवाल 5: क्या युवाओं को बकाया राशि मिलेगी?
जवाब: हां, अधिकारियों के अनुसार, बजट जारी होने के बाद सभी पंजीकृत युवाओं को लंबित बकाया राशि एकमुश्त दे दी जाएगी.
