Himachal Pradesh के मंडी में Drone Training Center से युवाओं को नई स्किल
Mandi में पहला Drone Training Center शुरू होने से युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। इस पहल के तहत युवाओं को ड्रोन टेक्नॉलॉजी, सर्वे, मैपिंग और कृषि उपयोग की ट्रेनिंग दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य Himachal Pradesh में आधुनिक तकनीक के जरिए रोजगार के अवसर बढ़ाना और युवाओं को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करना है।
Mandi Drone Center:
हिमाचल के युवाओं के लिए एक बेहतरीन मौका आया है। मंडी जिले में पहला ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर शुरू हो गया है। यह केंद्र IIT मंडी के i-Hub में शुरू किया गया है, जो युवाओं को ड्रोन टेक्नोलॉजी की नई स्किल सिखाएगा। इस कदम से बेरोजगार युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
यह ट्रेनिंग प्रधानमंत्री युवा कौशल विकास योजना के तहत बिल्कुल मुफ्त है। कोर्स तीन महीने का है, जिसमें युवाओं को ड्रोन उड़ाने से लेकर उसकी मरम्मत तक का पूरा प्रशिक्षण दिया जाएगा। खास बात यह है कि यह केंद्र कृषि क्षेत्र में ड्रोन ट्रेनिंग देने वाला देश का पहला सरकारी संस्थान है।
यह ट्रेनिंग सेंटर उन युवाओं के लिए वरदान साबित होगा, जो आधुनिक तकनीक सीखकर अपना करियर बनाना चाहते हैं। खेती-किसानी से जुड़े युवाओं के लिए यह कोर्स बहुत फायदेमंद है। उन्हें सीखने के बाद किसानों को ड्रोन से स्प्रे करने, फसलों की निगरानी करने और जमीन की स्थिति जांचने जैसे काम मिल सकते हैं।
इस मौके पर IIT मंडी के अधिकारियों ने कहा कि इस ट्रेनिंग सेंटर का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। उन्होंने बताया कि ड्रोन तकनीक में करियर की काफी संभावनाएं हैं और भविष्य में इस क्षेत्र में हज़ारों नौकरियां पैदा होंगी। यह ट्रेनिंग सेंटर मंडी को हिमाचल प्रदेश के ड्रोन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम है।
FAQ
1. मंडी में ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर कहाँ शुरू हुआ है?
यह सेंटर IIT मंडी के i-Hub में शुरू हुआ है, जो कृषि क्षेत्र में ड्रोन ट्रेनिंग देने वाला देश का पहला सरकारी संस्थान है।
2. इस ट्रेनिंग के लिए क्या योग्यता चाहिए?
इस कोर्स के लिए आवेदक के पास भारतीय पासपोर्ट होना चाहिए, उम्र 18 साल से कम नहीं होनी चाहिए। दसवीं, बारहवीं, आईटीआई पास या कृषि क्षेत्र में दो साल का अनुभव रखने वाले आवेदन कर सकते हैं।
3. क्या यह ट्रेनिंग फ्री है?
हां, यह ट्रेनिंग प्रधानमंत्री युवा कौशल विकास योजना के तहत पूरी तरह से निःशुल्क है।
4. कोर्स में कितना समय लगता है और क्या सिखाया जाएगा?
कोर्स तीन महीने का है, जिसमें ड्रोन उड़ाने का प्रशिक्षण, लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया, ड्रोन एप्लीकेशन, कृषि में ड्रोन का उपयोग, पेड़-पौधों और फसलों की निगरानी आदि सिखाई जाएगी।
5. क्या आईआईटी मंडी का यह ट्रेनिंग सेंटर डीजीसीए (DGCA) से मान्यता प्राप्त है?
जानकारी के अनुसार, यह ट्रेनिंग सेंटर डीजीसीए से मान्यता प्राप्त है और देश का पहला सरकारी कृषि ड्रोन प्रशिक्षण संस्थान है।
